➤ आरएस बाली की पहल पर हिमकेयर योजना में बड़ा सुधार
➤ सीएम सुक्खू ने दिए तुरंत निर्देश, अधिसूचना जारी
➤ सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलेगा कैशलेस इलाज
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली की संवेदनशील और जनहितकारी सोच के चलते प्रदेश के हजारों मरीजों को हिमकेयर योजना के तहत बड़ी राहत मिली है। सदन में आम जनता और मरीजों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के साथ-साथ आरएस बाली ने व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर मामले की गंभीरता से अवगत कराया।

उनकी इस त्वरित पहल पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत अब सरकारी अस्पतालों और मेडिकल/डेंटल कॉलेजों में वास्तविक खर्च या निर्धारित पैकेज दर (जो भी कम हो) के अनुसार रिम्बर्समेंट दावा किया जाएगा। साथ ही अस्पतालों में दवाइयां, सर्जिकल और मेडिकल कंज्यूमेबल्स सरकारी व्यवस्था के जरिए ही मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध क राने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। आरएस बाली ने त्वरित निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए दोहराया कि प्रदेशवासियों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।अब मरीज के इलाज के खर्च का हिसाब कैसे होगा.
नई अधिसूचना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में हिमकेयर के तहत होने वाले रिम्बर्समेंट दावे के लिए वास्तविक खर्च या निर्धारित पैकेज दर में से जो भी कम होगा, उसे आधार बनाया जाएगा। मसलन, किसी उपचार पर वास्तविक खर्च निर्धारित पैकेज से कम आता है तो दावा वास्तविक खर्च के आधार पर होगा। वहीं पैकेज दर से अधिक खर्च होने पर भी निर्धारित पैकेज से ज्यादा राशि के आधार पर दावा नहीं किया जाएगा। विभाग ने सरकारी अस्पतालों और मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों को उपचार पर हुए वास्तविक खर्च के साथ हिमकेयर साथी से संबंधित निर्धारित पारिश्रमिक का दावा करने की व्यवस्था भी बताई है।
दवाइयों और सर्जिकल सामान को लेकर भी साफ हुई स्थिति
मरीज जब अस्पताल पहुंचता है तो उसके लिए सिर्फ इलाज ही चिंता का विषय नहीं होता। दवाइयां, सर्जिकल सामान, मेडिकल कंज्यूमेबल्स और दूसरी जरूरी सामग्री भी उपचार का अहम हिस्सा होती हैं। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जो जरूरी सामग्री पहले से सरकारी आपूर्ति अथवा राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बजट के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है, उसका अलग से हिमकेयर योजना के तहत दावा नहीं किया जाएगा। यानी सरकारी व्यवस्था से उपलब्ध कराई जा रही जरूरी चिकित्सा सामग्री को लेकर हिमकेयर के रिम्बर्समेंट में अलग से खर्च नहीं जोड़ा जाएगा।
आरएस बाली ने विधानसभा में क्यों उठाया मामला
आरएस बाली ने इस मुद्दे को विधानसभा में इसलिए उठाया क्योंकि हिमकेयर योजना सीधे उन परिवारों से जुड़ी है, जिन्हें इलाज के समय आर्थिक सहारे की जरूरत होती है। ऐसे में योजना के संचालन को लेकर अस्पताल स्तर पर कोई असमंजस पैदा हो तो उसका असर सीधे मरीज और उसके परिवार पर पड़ता है। उन्होंने सदन में मरीजों और आम जनता की परेशानी को सामने रखने के बाद मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आग्रह किया कि स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने वाले प्रदेशवासियों को इलाज के बीच किसी तरह की अड़चन का सामना न करना पड़े। आरएस बाली बोले- मरीज को अस्पताल में राहत मिलनी चाहिए, परेशानी नहीं! आरएस बाली ने कहा कि प्रदेश के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा सबसे जरूरी विषयों में से एक है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से मामले पर तत्काल संज्ञान लेने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि हिमाचल के आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। मरीज पहले से ही बीमारी और इलाज की चिंता में होता है, ऐसे में व्यवस्था से जुड़ी कोई अतिरिक्त परेशानी उसके परिवार का बोझ बढ़ाती है।
आरएस बाली ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को विधानसभा में उठाना और सरकार के स्तर पर उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी जिम्मेदारी है।
एक आवाज सदन से उठी और विभाग तक पहुंची
हिमकेयर को लेकर सामने आया यह मामला सिर्फ एक अधिसूचना जारी होने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे मरीजों की परेशानी का सवाल है, जिसे आरएस बाली ने विधानसभा में उठाया और फिर मुख्यमंत्री के सामने भी रखा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 27 अगस्त को सरकारी अस्पतालों और मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में हिमकेयर रिम्बर्समेंट को लेकर स्थिति स्पष्ट की। अब वास्तविक खर्च और निर्धारित पैकेज दर में से कम राशि के आधार पर दावा करने की व्यवस्था स्पष्ट है। वहीं सरकारी आपूर्ति या सरकारी बजट से उपलब्ध कराई जा रही जरूरी दवाइयों और चिकित्सा सामग्री को लेकर भी अलग से हिमकेयर दावा नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।



